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सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन क्या है? What is Search Engine Optimisation(SEO)?

SEO का मतलब होता है  सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन है।” सरल शब्दों में, कहा जा सकता है की  जब लोग Google, बिंग और अन्य खोज इंजनों में आपके बिज़नेस से संबंधित उत्पादों या सेवाओं की खोज करते हैं, तो आपकी साइट गूगल मे सबसे पहले दिखाई देती है। खोज परिणामों में आपके साइट की दृश्यता जितनी बेहतर होगी, उतना ही  ग्राहकों  का धयान आप के बिज़नेस की और आकर्षित होगा  जिससे आप का बिज़नेस  और तेजी से चल पड़ेगा।  

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SEO कैसे काम करता है? (How SEO Works?)

Google और बिंग जैसे सर्च इंजन वेब पर पेज को सक्रॉल करने, साइट से साइट पर जाने, उन पेजेस  के बारे में जानकारी एकत्र करने और उन्हें एक अनुक्रमणिका में डालने के लिए SEO का उपयोग करते हैं। इंडेक्स के बारे में एक विशाल पुस्तकालय की तरह सोचें जहां एक लाइब्रेरियन एक किताब (या एक वेब पेज) को खींच सकता है ताकि आपको उस समय ठीक वही मिल सके जो आप खोज रहे हैं।

इसके बाद, एल्गोरिदम इंडेक्स में पेजेस का विश्लेषण करता है, सैकड़ों रैंकिंग कारकों या संकेतों को ध्यान में रखते हुए, यह निर्धारित करता है की आप के दवारा सर्च की गई इनफार्मेशन आपको आर्डर मे दिखाई देना चाहिए।जैसे की  हमारे पुस्तकालय में, पुस्तकालयाध्यक्ष ने पुस्तकालय की हर एक पुस्तक को पढ़ा है और आपको बता सकते  है कि आपके प्रश्नों के उत्तर किस बुक मे होगा ।

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एसईओ यूजर की सर्च की गई query  का आंसर वह टॉप रैंक की वेबसाइट से  खोज निकालता है , वह वही वेबसाइट को टॉप रैंक पर लाता है , जिसे कई बार यूजर  यूज़ कर चूका है। 

SEO मेन 2 फैक्टर पर कार्य करता है  , जैसे की कंटेंट quality और कीवर्ड  । 

नए अपडेट किए गए SEO पीरीयोडिक टेबल में उन टॉक्सिन्स की सूची भी शामिल है जो SEO की सर्वोत्तम प्रथाओं से अलग हो जाते हैं। ये शॉर्टकट हैं जो वेबसाइट को उच्च रैंकिंग दिलाने मे मदत करता है।

SEO  के  प्रकार(Types of SEO)

  • ऑन पेज SEO
  • ऑफ पेज SEO

ऑन पेज SEO (On page SEO)

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दो महत्वपूर्ण फैक्टर  हैं। सबसे पहले हम बात करते हैं on page Seo की क्योंकि यह वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है।

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के हिसाब से अपनी वेबसाइट को सेटअप करने के लिए  जो काम किया जाता है, उसे ऑन-पेज SEO कहते हैं।

ऐसा करने से आपका ऑर्गेनिक ट्रैफिक बढ़ता है। अगर कोई व्यक्ति डायरेक्ट कीवर्ड  सर्च करके आपकी  वेबसाइट पर आता है उसे ही ऑर्गेनिक ट्रैफिक कहते है।

ऑन पेज SEO के बहुत सारे फ़ैक्टर हैं, जिनकी मदद से आप अपनी वेबसाइट को ऑन पेज के लिए ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं, हम आपको कुछ कॉमन फ़ैक्टर बताने जा रहे हैं। जैसे की 

वेबसाइट  डिज़ाइन ,वेबसाइट  स्पीड ,वेबसाइट  स्ट्रक्चर वेबसाइट  फ़ेविकॉन ,मोबाइल -फ्रेंडली  वेबसाइट ,टाइटल टैग,मेटा  डिस्क्रिप्शन ,कीवर्ड  डेंसिटी ,इमेज  अलटी  टैग ,URL स्ट्रक्चर ,इंटरनल  लिंक्स ,हाईलाइट  ,इम्पोर्टेन्ट  कीवर्ड , हैडिंग  टैग ,पोस्ट -गुड  लेंथ ,SEO फ्रेंडली  URL,गूगल  एनालिटिक्स ,सोशल  मीडिया  बटन ,HTML पेज  साइज और वेबसाइट  सिक्योरिटी  HTTPS आदि ।  

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ऑफ पेज एसईओ (Off page SEO)

अपनी वेबसाइट और पोस्ट को सर्च इंजन में रैंक करने के लिए इंटरनेट पर उसके लिंक को प्रमोट करना ऑफ पेज SEO कहलाता है। जब आपके पोस्ट का प्रचार किया जाता है और इंटरनेट पर शेयर किया जाता है, तो यह सर्च इंजन को कुछ संकेत देता है। जिससे सर्च इंजन उस पोस्ट की रैंकिंग को बढ़ा देता है। जैसे 

  • फेसबुक
  • फेसबुक  पेज 
  • फेसबुक  ग्रुप 
  • ट्विटर 
  • गूगल  प्लस 

सोशल  बुकमार्किंग  साइट (Social Bookmarking Sites)

लिंकेडीन ,वीडियो  शेयरिंग  साइट ,फोटो  शेयरिंग  साइट ,ब्लॉग  डायरेक्टरी  सबमिशन ,ब्लॉग  कमेंटिंग आदि

SEO तकनीकों का प्रकार (SEO Techniques)

  • वाइट हैट SEO
  • ब्लैक हैट SEO

SEO तकनीक भी दो प्रकार की होती है। जिसे समझना आपके लिए बेहद जरूरी है। यदि आप उन्हें नहीं समझते हैं, तो आप ट्रैफ़िक बढ़ाने के बजाय अपनी वेबसाइट को नुकसान पहुँचाते हैं।

1 वाइट हैट SEO (White Hat SEO)

जब आप अपनी वेबसाइट के लिए नेचुरल तरीके से सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन और लिंक बिल्डिंग करते हैं तो इसे व्हाइट हैट SEO कहते हैं। भारत के सर्वश्रेष्ठ हिंदी ब्लॉग और ब्लॉगर इस तकनीक का उपयोग करते हैं, यह आपकी वेबसाइट के लिए बहुत अच्छा है। वेबसाइट की वैल्यू बढ़ने के साथ ट्रैफिक भी बढ़ता है।

2 ब्लैक हैट SEO (Black Hat SEO)

हम अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ाने के लिए SEO करते हैं। अगर इसे ठीक से किया जाए तो वाइट हैट SEO होता है अन्यथा ब्लैक हैट SEO बन जाता है। जो कि हमारी वेबसाइट के लिए काफी खराब साबित हो सकता है। यह SEO की एक तकनीक है जिसमें सर्च इंजन के नियमों की अनदेखी कर हाई ट्रैफिक पाने के लिए ऐसे तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है जो सिर्फ सर्च इंजन रोबोट को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। जिसे ब्लैक हैट एसईओ कहते हैं।

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जैसे आपको इंटरनेट पर कई ऐसी वेबसाइट मिल जाएगी जो कुछ पैसे लेकर आपकी वेबसाइट के लिए हजारों लिंक बना देती हैं। यह लिंक स्पैम और स्वचालित वेबसाइट द्वारा बनाया गया है। जिन्हें आसानी से सर्च इंजन के Boots और Spider द्वारा पहचाना जा सकता है। जिसके बाद आपकी वेबसाइट को ब्लॉक किया जा सकता है।

मार्केटिंग के लिए SEO क्यों जरूरी है? (Why SEO is Important for Marketing?)

SEO डिजिटल मार्केटिंग का एक बहुत  बड़ा हिस्सा है क्योंकि हर साल लाखो लोग खरबों खोज करते हैं, अक्सर व्यावसायिक इरादे से, उत्पादों और सेवाओं के बारे में जानकारी खोजने के लिए और भी कुछ अपने जानकारी के लिए । खोज अक्सर ब्रांडों के लिए डिजिटल ट्रैफ़िक का प्राथमिक स्रोत होता है और अन्य मार्केटिंग चैनलों का पूरक होता है। यह मन जाता है की जितना लोग आप के प्रोडक्ट के बारे मे जानेगे उतना ही आप के प्रोडक्ट को खरीदने मे दिलचसपी  दिखाएगे।  और और यह आप के बिज़नेस के लिए बहुत अच्छा हो सकता है।  

हालांकि, खोज परिणाम पिछले कुछ वर्षों से और  विकसित हो रहे हैं ताकि उपयोगकर्ताओं को अधिक प्रत्यक्ष उत्तर और जानकारी दी जा सके जिससे उपयोगकर्ताओं को अन्य वेबसाइटों पर ले जाने के बजाय उन्हे सबसे पहले ही दिखाया जा सके। SEO की मदत से उपयोगकर्ताओं को सीधे परिणामों में आपकी कंपनी के बारे में अधिक जानकारी प्रदान कर सकती हैं।

संक्षेप में, SEO एक  होलिस्टिक  मार्केटिंग  इकोसिस्टम  की नींव है। जब आप समझ जाते हैं कि आपकी वेबसाइट के उपयोगकर्ता क्या चाहते हैं, तो आप उस ज्ञान को अपने कंटेंट को अपनी वेबसाइट पर, अपनी सोशल मीडिया और अन्य जगह पब्लिश कर सकते है।  

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